International Relations

International Labour Conference 114th Session: प्लेटफॉर्म इकोनॉमी

International Labour Conference 114th Session: प्लेटफॉर्म इकोनॉमी

चर्चा में क्यों?

अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन (International Labour Conference - ILC) का 114वां सत्र 1 से 12 जून 2026 तक जिनेवा (Geneva) में आयोजित किया जा रहा है। प्रतिनिधि प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था (platform economy) में अच्छे काम, काम पर लैंगिक समानता (gender equality), सामाजिक संवाद (social dialogue) और ILO के कार्यक्रम और बजट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। राज्य मंत्री (Minister of State) शोभा करंदलाजे के नेतृत्व में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने कौशल विकास, श्रम गतिशीलता (labour mobility) और सामाजिक सुरक्षा पर सहयोग का पता लगाने के लिए नेपाल, अंगोला और मॉरीशस के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें (bilateral meetings) कीं।

पृष्ठभूमि

अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization - ILO) का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय (decision‑making body) है। इसे अक्सर "श्रम की अंतर्राष्ट्रीय संसद" कहा जाता है, यह श्रम मानक (labour standards) निर्धारित करने, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों (international conventions) को अपनाने और ILO के शासी निकाय (governing body) का चुनाव करने के लिए जिनेवा में सालाना बैठक करता है। प्रत्येक सदस्य राज्य चार प्रतिनिधि भेजता है - दो सरकार से और एक-एक नियोक्ताओं और श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करते हुए - सभी को समान मतदान अधिकार (equal voting rights) प्राप्त हैं। 1919 में वर्साय की संधि (Treaty of Versailles) के बाद पहला सम्मेलन आयोजित किया गया था।

114वें सत्र का एजेंडा

  • कार्यक्रम और बजट (Programme and budget): 2026-27 के लिए ILO के कार्य कार्यक्रम और बजट का अनुमोदन।
  • प्लेटफ़ॉर्म अर्थव्यवस्था में अच्छा काम (Decent work in the platform economy): प्रतिनिधि राइड-हेलिंग (ride-hailing), डिलीवरी और फ्रीलांसिंग (freelancing) जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए एक नए अंतरराष्ट्रीय श्रम मानक पर बातचीत कर रहे हैं। श्रमिक संगठन एक ऐसे सम्मेलन की वकालत करते हैं जो सभी प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों पर लागू हो, एल्गोरिदम (algorithms) की पारदर्शिता सुनिश्चित करे और प्लेटफ़ॉर्म को परिचालन लागत (operating costs) वहन करने की आवश्यकता हो।
  • लैंगिक समानता (Gender equality): एक सामान्य चर्चा मजदूरी, रोजगार के अवसरों और नेतृत्व के पदों में लिंग अंतर (gender gaps) को कम करने और काम पर उत्पीड़न (harassment) को रोकने पर केंद्रित है।
  • सामाजिक संवाद और त्रिपक्षीयवाद (Social dialogue and tripartism): सम्मेलन सामूहिक सौदेबाजी (collective bargaining) और नीति-निर्माण (policy-making) में नियोक्ताओं, श्रमिकों और सरकारों को शामिल करने की प्रगति की समीक्षा करता है।

भारत की भागीदारी

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने समावेशी विकास, लैंगिक समानता और डिजिटल कौशल के प्रति देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। बैठकों के दौरान, मंत्री शोभा करंदलाजे ने व्यावसायिक प्रशिक्षण (vocational training), श्रम गतिशीलता, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों के कल्याण में सुधार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग पर सहयोग पर चर्चा की। भारत प्लेटफ़ॉर्म कार्य पर एक संतुलित सम्मेलन (balanced convention) का समर्थन करता है जो नवाचार (innovation) को प्रोत्साहित करते हुए श्रमिकों की रक्षा करता है।

निष्कर्ष

114वां ILC आज के श्रम बाजारों की कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों का समाधान कर रहा है। इसके परिणाम प्लेटफ़ॉर्म कार्य के लिए वैश्विक मानकों को आकार दे सकते हैं और आने वाले वर्षों के लिए लैंगिक समानता और सामाजिक संवाद पर राष्ट्रीय नीतियों को प्रभावित कर सकते हैं।

स्रोत

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