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एनएचएआई ने बैरियर पर रुके बिना टोल वसूली के लिए राजमार्ग डिजाइन तय किए

First brief 7 Nov, 3:17 pm IST Updated 7 Nov, 3:17 pm IST 0 developments 1 min read
Conventional toll plaza; file photo
In Transit · CC BY-SA 4.0

Where it stands

राजमार्ग टोल व्यवस्था को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है, ताकि वाहन चलते-चलते पहचाने जाएँ और उनसे शुल्क लिया जाए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने मल्टी-लेन फ्री फ्लो (Multi-Lane Free Flow) टोलिंग के बुनियादी ढाँचे को मानकीकृत किया है। ये दिशानिर्देश चार-लेन और उससे चौड़े राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होते हैं। सड़क परिवहन मंत्रालय ने 6 नवंबर 2026 को इन आवश्यकताओं का ब्योरा दिया। इस व्यवस्था में ऊपर लगे उपकरण फास्टैग (FASTag) और वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ते हैं। लागू टोल किसी भौतिक बैरियर पर रुके बिना फास्टैग के जरिए कट जाता है। यह बदलाव उस कतार की समस्या को संबोधित करता है जो भुगतान इलेक्ट्रॉनिक होने पर भी लग सकती है। दिशानिर्देश भविष्य की और निर्माणाधीन परियोजनाओं पर लागू होते हैं। तैयार किए जा रहे डिजाइनों में ये आवश्यकताएँ शामिल करनी होंगी, जबकि ठेका दी जा चुकी या चल रही परियोजनाओं को लागू अनुबंध प्रावधानों के जरिए बदलाव अपनाने होंगे। जैसे-जैसे अलग-अलग प्रणालियाँ चालू होंगी, चालकों को लाभ मिलेगा। योजना से जुड़ा यह निर्णय हर मौजूदा टोल प्लाजा को तुरंत बैरियर-मुक्त नहीं बनाता।

Background

फास्टैग से पहले से ही राजमार्ग टोल का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान होता है। लेकिन पारंपरिक टोल प्लाजा पर वाहनों को अब भी नियंत्रित लेनों और बैरियरों से गुजरना पड़ता है। धीमा होने, कतार में लगने और फिर चलने में समय और ईंधन लग सकता है, भले ही चालक नकद भुगतान न करें। मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग क्षेत्र से गुजरने के तरीके को बदलता है। ऊपरी ढाँचों पर लगे उपकरण चलते वाहनों की पहचान करते हैं। रेडियो रीडर फास्टैग का पता लगाते हैं, जबकि कैमरे पंजीकरण प्लेट पहचानते हैं। यह प्रणाली इस पहचान को लागू उपयोगकर्ता शुल्क की वसूली से जोड़ती है। चलते यातायात के लिए उस प्लाजा से अलग ढाँचे की जरूरत होती है, जिसे वाहनों के रुकने के हिसाब से बनाया गया हो। इसलिए एनएचएआई ने लेनों, ऊपरी ढाँचों, रोशनी, संकेतों और सहायक सुविधाओं को मानकीकृत किया है। उद्देश्य यह है कि नई सड़क परियोजनाएँ ऐसे बुनियादी ढाँचे के आधार पर डिजाइन न हों जिसे बाद में बड़े पैमाने पर दोबारा बनाना पड़े। यह बदलाव हर परियोजना के चरण पर भी निर्भर करता है। जो परियोजना अभी अपना विस्तृत डिजाइन तैयार कर रही है, वह शुरू से ही इस प्रणाली को शामिल कर सकती है। जिस परियोजना का ठेका दिया जा चुका है, उसमें बदलाव उसके अनुबंध प्रावधानों के तहत करने होंगे। नई टोल व्यवस्था के चालक की यात्रा का सामान्य हिस्सा बनने से पहले दिशानिर्देश यह तैयारी व्यवस्थित करते हैं।

How it developed

  1. 6 November 2026; implementation guidance
    How it started

    मानकों में सड़क ढाँचा, ऊपरी उपकरण और परियोजना अनुबंध शामिल

    दिशानिर्देश टोल प्लाजा के ढाँचे, लेन व्यवस्था, गैन्ट्री, रोशनी, संकेतों और संचालन सुविधाओं के लिए एक समान आवश्यकताएँ तय करते हैं। गैन्ट्री वह ऊपरी ढाँचा है जिस पर टोल उपकरण लगे होते हैं। पर्याप्त रोशनी सुरक्षित ड्राइविंग और कैमरों की भरोसेमंद रीडिंग, दोनों में मदद करती है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के चरण वाली परियोजनाओं को नया डिजाइन शामिल करना होगा। ठेका दी जा चुकी या निर्माणाधीन परियोजनाओं को बदलाव अपनाने के लिए लागू अनुबंध प्रावधानों का उपयोग करना होगा। एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों को इन आवश्यकताओं को शामिल करने और इन्हें अपनाने में सहायता करने का निर्देश दिया गया है।

Why it matters for UPSC

GS3 · Infrastructure

GS3 के लिए डिजिटल भुगतान को परिवहन बुनियादी ढाँचे के डिजाइन से जोड़िए। समझाइए कि इलेक्ट्रॉनिक भुगतान और वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए टोल प्लाजा में अलग-अलग बदलाव क्यों चाहिए।

Key terms

मल्टी-लेन फ्री फ्लो (Multi-Lane Free Flow (MLFF))एक टोल व्यवस्था, जो वाहनों को बैरियर पर रोके बिना टोल क्षेत्र से गुजरते समय पहचानती है और उनसे शुल्क लेती है। इसमें उपकरण, भुगतान प्रणालियाँ और उपयुक्त सड़क ढाँचा मिलकर काम करते हैं। एनएचएआई के दिशानिर्देश इसके सहायक बुनियादी ढाँचे को मानकीकृत करते हैं।
फास्टैग (FASTag)भुगतान खाते से जुड़ा एक इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान टैग। रेडियो उपकरण इस टैग को पढ़ते हैं, ताकि लागू शुल्क वसूला जा सके। फ्री-फ्लो डिजाइन फास्टैग का उपयोग करता है, लेकिन टोल प्लाजा पर रुकने की भौतिक जगह हटा देता है।
स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (Automatic Number Plate Recognition (ANPR))कैमरे के जरिए वाहन की पंजीकरण प्लेट पढ़ना। इससे टोल क्षेत्र से गुजर रहे वाहन की पहचान में मदद मिलती है। प्रणाली इसका उपयोग फास्टैग पढ़ने वाले उपकरणों के साथ करती है।
गैन्ट्री (Gantry)सड़क के आर-पार लगाया गया ऊपरी ढाँचा, जो रीडर और कैमरे जैसे उपकरणों को सहारा देता है। इसकी जगह से प्रणाली को गुजरते वाहनों की पहचान में मदद मिलती है। रोशनी और साफ सड़क संकेत इसके आसपास सुरक्षित संचालन में मदद करते हैं।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report (DPR))किसी सड़क परियोजना का विस्तृत नियोजन दस्तावेज, जिसमें उसके डिजाइन और क्रियान्वयन की आवश्यकताएँ होती हैं। इस चरण में फ्री-फ्लो टोलिंग शामिल करने से जरूरी बुनियादी ढाँचे की योजना निर्माण से पहले बन जाती है। चल रहे अनुबंधों में बदलाव अपनाने के लिए अलग रास्ता चाहिए।
Sources (3)
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